ह्रास (Depreciation) की गणना के नियम क्या है ?

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ह्रास (Depreciation) की गणना के नियम क्या है ?

ह्रास (Depreciation) की गणना के कुछ नियम निम्नलिखित है :

    1. यदि सम्पत्ति का क्रय किसी महीने के बीच में किया जाता है तो सुविधा के लिए ह्रास की गणना अगले माह से लेखांकन की अंतिम तिथि तक की जाती है। जैसे यदि मशीन का क्रय 10 जून को हुआ हो तो ह्रास की गणना 1 जुलाई से 31 मार्च तक की जायेगी अर्थात 9 माह के लिए।

 

    1. यदि सम्पत्ति वर्ष के प्रारम्भ में तथा अंत में विद्यमान हो तो ह्रास की गणना एक वर्ष के लिए की जायेगी।

 

    1. यदि किसी सम्पत्ति को वर्ष के दौरान बेच दिया जाय तो ऐसी सम्पत्ति पर सम्पत्ति की बिक्री अथवा निस्तारण की तिथि तक का ह्रास निकाला जाना चाहिए।

 

  1. यदि ह्रास की दर प्रति वर्ष के रूप में दी गई हो और सम्पत्ति के क्रय की तिथि नहीं दी गई हो तो ह्रास की गणना निम्न में से किसी भी विधि से की जा सकती है :
    • अतिरिक्त सम्पत्ति पर ह्रास की गणना न की जाय।
    • अतिरिक्त लगाई गई सम्पत्ति पर पूरे एक वर्ष का ह्रास लगाया जाये।
    • अतिरिक्त लगाई गई सम्पत्ति पर माह के लिए ह्रास लगाया जाता है।

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