Prepaid Expense क्या है ?
Prepaid Expense क्या है ? जो खर्च पहले ही चूका दिया जाता है उसे Prepaid Expense(पूर्वदत्त व्यय ) कहा जाता है।
Prepaid Expense क्या है ? जो खर्च पहले ही चूका दिया जाता है उसे Prepaid Expense(पूर्वदत्त व्यय ) कहा जाता है।
दायित्व (Liabilities) क्या है ? वह, धन जो व्यावसायिक उपक्रम को दूसरों को देना है, दायित्व कहा जाता है ; जैसे लेनदार, देय बिल, ऋण एवं अधिविकर्ष इत्यादि। इस प्रकार दायित्व देयताएँ हैं, ये सभी राशियाँ हैं, जो लेनदारों को भविष्य में देय हैं। दायित्व के निम्नलिखित प्रकार है :- स्थायी दायित्व – दीर्घकालिक या…
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आगम (Revenue) क्या है ? आगम से आशय व्यवसाय की आय से है। इसका अभिप्राय नियमित रूप से प्राप्त होने वाली आय या आवर्ती प्रकृति की आय से भी है। आगम से पूँजी में अभिवृद्धि होती है। आगम का उदाहरण माल के विक्रय से प्राप्तियाँ, अर्जित ब्याज, अर्जित कमीशन, अर्जित किराया, अर्जित लाभांश, अर्जित बट्टा,…
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आय (Income) क्या है ? आगम में से व्यय घटाने पर जो शेष बचता है, उसे आय (Income) कहा जाता है। आय = आगम – व्यय
Goods क्या है ? जिन वस्तुओं का कोई व्यापारी व्यापर करता है, वह उसका माल (Goods) कहलाता है, जैसे – यदि कोई व्यापारी गेहूँ का व्यापर करता है तो गेहूँ उसका माल कहलाएगा। यदि फर्नीचर का व्यापार करता है तो फर्नीचर उसका माल कहलाएगा। तो हम इसे ऐसे भी कह सकते है कि जब किसी…
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व्यय (Expenses) क्या है ? आगम की प्राप्ति के लिए प्रयोग की गई वस्तुओं एवं सेवाओं की लागत को व्यय कहते हैं। व्यय के उदाहरण :- विज्ञापन व्यय, कमीशन, ह्रास, किराया, वेतन, आदि।
खर्च (Expenditure) क्या है ? सम्पत्ति, माल अथवा सेवाएँ प्राप्त करने के लिए किया गया कोई भी भूटान अथवा सम्पत्ति का हस्तान्तरण खर्च कहलाता है। खर्च के प्रकार खर्च दो प्रकार के होते हैं :- पूँजीगत व्यय (Capital Expenditure) स्थायी सम्पत्तियों के क्रय अथवा उनके मूल्य में वृद्धि करने के उद्देश्य से किया गया…
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देनदार (Debtor) क्या है ? वे व्यक्ति, संस्था, फर्म, कम्पनी या निगम, आदि जिनसे धन वसूलना रहता है अथवा जिनके पास संस्था की राशि देय है, उन्हें देनदार (Debtor) कहा जाता है।
लेनदार (Creditor) क्या है ? जिस व्यक्ति, संस्था, फर्म, कम्पनी या निगम, आदि को उधार क्रय के लिए या ऋण के लिए व्यापारी द्वारा धन देय होता है, वे व्यापारी के लेनदार कहे जाते हैं।
पूँजी (Capital) क्या है ? उस धनराशि को पूँजी कहा जाता है जिसे व्यवसाय का स्वामी व्यवसाय में लगाता है। इसी राशि से व्यवसाय प्रारम्भ किया जाता है। पूँजी को दो निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जाता है :- स्थिर पूँजी :- सम्पत्तियों को प्राप्त करने के लिए जो धनराशि लगाई जाती है, वह स्थित…
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