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Bills Of Exchange

Bills Of Exchange विनिमय विपत्र(Bills Of Exchange) क्या है ? विनिमय-विपत्र की विशेषताएँ क्या है ? विपत्र के पक्षकार कितने होते हैं ? Bills Receivable (प्राप्य विपत्र) क्या है ? Bills Payable (देय विपत्र ) क्या है ? Due-Date (भुगतान तिथि ) क्या है ? बिल के भेद क्या है ? Bills Of Exchange के…
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Cash एवं Bank वाला Double Column Cash Book कैसे बनाया जाता है ?

Double column cash book The double column cash book (also known as two column cash book) has two money columns on both debit and credit sides – one to record cash transactions and one to record bank transactions. In other words, we can say that if we add a bank column to both sides of…
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Discount एवं Cash वाला Double Column Cash Book कैसे बनाया जाता है ?

Discount एवं Cash वाला Double Column Cash Book कैसे बनाया जाता है ?

Double Column Cash Book क्या है ?

Double Column Cash Book क्या है ? जिस Cash Book में Amount का दो Column होता है उसे Double Cash Book कहा जाता है । इसे Two Column Cash Book भी कहा जाता है । दो खाने वाली रोकड़ बही से अभिप्राय उस रोकड़ बही से है जिसमें प्रत्येक भाग में रोकड़ के दो-दो खाने…
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Cash Book कैसे बनाया जाता है ?

Cash Book कैसे बनाया जाता है ? Cash Book बनाने के कुछ नियम इस प्रकार है : रोकड़ बही के दोनों पक्षों – डेबिट और क्रेडिट – में एकसमान खाने होते है तथा दोनों पक्षों में पांच खाने होते हैं। तिथि वाले खाने में सबसे पहले वर्ष व महीना लिखा जाता है। फिर नकद प्राप्तियों/भुगतानों…
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Simple Cash Book क्या है ?

Simple Cash Book क्या है ? जिस Cash Book में Ammount का एक ही Column होता है उसे Simple Cash Book कहा जाता है । इसमें केवल नकद लेन-देन ही लिखे जाते हैं। इसे एक खाने वाली रोकड़ बही भी कहते हैं। अतः बैंक संबन्धी लेन-देन और कटौती के लेन-देन इस बही में नहीं लिखे…
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खाता बही के साथ रोकड़ बही का क्या समानताएँ है ?

खाता बही के साथ रोकड़ बही का क्या समानताएँ है ? खाता बही के साथ रोकड़ बही के बीच निम्नलिखित समानताएँ है : रोकड़ बही का प्रारूप खाता बही की तरह होता है। इसके दो पक्ष होते हैं – डेबिट पक्ष और क्रेडिट पक्ष। खाता-बही की ही तरह रोकड़ बही में लेन-देनों के अभिलेखन हेतु…
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रोकड़ बही तथा जर्नल में क्या समनताएँ है ?

रोकड़ बही तथा जर्नल में क्या समनताएँ है ? रोकड़ बही तथा जर्नल में निम्नलिखित समनताएँ है : जर्नल की तरह रोकड़ वही में भी सभी लेन-देनों को तिथिवार लिखा जाता है। जर्नल की तरह ही रोकड़ बही में भी खाता पृष्ट संख्या रहता है। जर्नल की तरह रोकड़ वही में भी नैरेशन दिए जाते…
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रोकड़ बही के उद्देश्य क्या है ?

रोकड़ बही के उद्देश्य क्या है ? रोकड़ बही के निम्नलिखित मुख्य उद्देश्य है : किसी दी गई अवधि के दौरान कुल रोकड़ प्राप्तियों तथा कुल रोकड़ भगतानों को ज्ञात करना। किसी भी समय रोकड़ शेष तथा बैंक शेष ज्ञात करना। हस्तस्थ रोकड़ तथा बैंक में रोकड़ की शुद्धता को सत्यापित करना।

रोकड़ बही की विशेषताएं क्या है ?

रोकड़ बही की विशेषताएं क्या है ? रोकड़ बही के निम्नलिखित मुख्य विशेषताएं है : रोकड़ बही लेन-देन के केवल एक पक्ष अर्थात प्रकृति पर प्रकाश डालती हैं। लेन-देनों का अभिलेखन क्रमबद्ध रूप में किया जाता है। रोकड़ प्राप्तियों को रोकड़ बही के डेबिट पक्ष में लिखा जाता है। रोकड़ प्राप्तियों को रोकड़ बही के…
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